“Green Deepawali – Organic Deepawali” Program at Prakash Bharti Gurukul Vidyalaya

‘ Green Deepawali – Organic Deepawali ‘ program was celebrated at Prakash Bharti Gurukul Vidyalaya in the holy presence of Parmarth Niketan’s President Pujya Swami Chidanand Saraswati Ji Maharaj and Sadhvi Bhagwati Saraswati ji. Students of Prakash Bharti Vidyalaya’s Children and Professional Training Centre conveyed the message of celebrating Organic Deepawali through song, dance and music.

Children of Prakash Bharati Vidyalaya started the program with national anthem and lighting lamps in the holy presence of Pujya Swami Chidananand Saraswati Ji Maharaj, Sadhvi Bhagwati Saraswati. After that observed the products made by the kids.

Pujya Swami Chidanand Saraswati Ji Maharaj said that Diwali is an opportunity to embrace cleanliness; to treat nature and environment in harmony. This time do something so that the enthusiasm is within us and the nature is enthusiastic; let us do the karma and get its pleasant results and the sky, celebrate Diwali for your happiness but have a joyful atmosphere. Celebrate the Diwali festival in such a way that along with us, mother nature and our mother earth remain clean and safe. Let us make every festival an opportunity, to change ourselves and to change ourselves. Make a celebration of bringing happiness in the family, in life and in everyone’s life.

Sadhvi Bhagwati Saraswati ji said that on the occasion of festivals, while cleaning our house and arranging our house, we take out old clothes and old goods, if that goods are given to the needy, it will be a very noble deed and it will be Smiles can be brought on the faces of the needy.

This program was conducted by Upasana Patra ji. On this occasion, the sages of Ms. Ganga Nandini Tripathi, Ruchi Rai, Deepak Sharma, Rekha Ben, Kripali Ben, Swami Sevanand Ji, Manisha, Bharti and Parmarth Niketan participated.


‘हरित दीपावली – ऑर्गेनिक दीपावली’ मनाने का संदेश

प्रकाश भारती के बच्चों ने हरित दीपावली का दिया संदेश

दीपावली को एक अवसर बना लें, खुद को बदलने का और खुद से बदलने का-पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज

ऋषिकेश, 1 नवम्बर। परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज और साध्वी भगवती सरस्वती जी के पावन सान्निध्य में प्रकाश भारती गुरूकुल विद्यालय में ‘हरित दीपावली – ऑर्गेनिक दीपावली’ का कार्यक्रम मनाया गया। प्रकाश भारती विद्यालय के बच्चों और व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द्र के छात्र-छात्रों ने गीत, नृत्य और संगीत के माध्यम से ऑर्गेनिक दीपावली मनाने का संदेश दिया।

पूज्य स्वामी चिदाननन्द सरस्वती जी महाराज, साध्वी भगवती सरस्वती के पावन सान्निध्य में प्रकाश भारती विद्यालय के बच्चों ने राष्ट्रगान और दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उसके पश्चात बच्चों द्वारा बनाये गये उत्पादों का अवलोकन किया।

पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी महाराज ने कहा कि दीपावली एक अवसर है स्वच्छता को अंगीकार करने का; प्रकृति और पर्यावरण के साथ सद्भावपूर्ण व्यवहार का। इस बार कुछ ऐसा करे की उत्साह हमारे भीतर हो और उत्साहित प्रकृति हो; कर्म हम करें ओर उसके सुखद परिणाम धरा और गगन को मिले, दीपावली अपनी खुशियोें के लिये मनाये पर प्रफुुल्लित वातावरण हो। दीपावली पर्व को ऐसे मनाये कि हमारे साथ-साथ, प्रकृति और हमारी धरती माँ स्वच्छ व सुरक्षित बनी रहे। हम हर पर्व को एक अवसर बना लें, खुद को बदलने का और खुद से बदलने का। घर-परिवार में, जीवन में और हर एक के जीवन में खुशियां लाने का, उत्सव बना लें।

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने कहा कि पर्वों के अवसर पर अपने घर की साफ-सफाई और घर को व्यवस्थित करते समय हम पुराने कपड़े और पुराना सामान बाहर निकलते है, उस सामान को अगर जरूरतमंदों को दें तो यह एक बहुत ही नेक काम होगा और इससे जरूरतमंदों के चेहरों पर मुस्कान लायी जा सकती है।

साध्वी भगवती सरस्वती जी ने ‘हरित दीपावली – ऑर्गेनिक दीपावली’ का संदेश देते हुये कहा कि दिपावली, स्वच्छता प्रधान पर्व है; प्रकाश का पर्व है। दीपावली, स्वच्छता और प्रकाश को बाहर और भीतर सदा के लिये स्थापित करने का संदेश देता है। पर्वों के अवसर पर जो उपहार और भोजन दिया जाता है उन्हें रैपिंग पेपर में रैप करके दिया जाता है। रैपिंग पेपर को बनाने के लिये पेड़ों को काटा जाता है इसलिये हम सभी कोशिश करें कि उपहार को रैप करने के लिये अखबार, पेपर बैग या कपड़े के सुन्दर टुकड़े आदि का इस्तेमाल किया जाये। इससे प्लास्टिक-प्रदूषण भी कम होगा।

दीवाली पर्व को ऑर्गेनिक पर्व के रूप में बनाने के लिये हम अपने घरों को ऑर्गेनिक रंगों से सजाये तथा ऑर्गेनिक रंगों से रंगी रंगोली का इस्तेमाल करें। साथ ही हम सिंथेटिक कलर और रूम फ्रेशनर का उपयोग करने से बचे। दीपावली के अवसर पर घर पर बनायी गयी मिठाईयों का उपयोग करें या स्थानीय बाजारों में बनी मिठाईयां ही खरीदे और यह भी ध्यान रखे की वे कृत्रिम रंगों से बनी हुई न हो।

इस कार्यक्रम का संचालन उपासना पात्रा जी ने किया। इस अवसर पर सुश्री गंगा नन्दिनी त्रिपाठी, रूचि राय, दीपक शर्मा, रेखा बेन, कृपाली बेन, स्वामी सेवानन्द जी, मनीषा, भारती और परमार्थ निकेतन के ऋषिकुमारों ने सहभाग किया।

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